IITM Pune और Bharat Institute of Technology, Sonipat के बीच महत्वपूर्ण समझौता – कैंपस में स्थापित होगा अत्याधुनिक स्वचालित मौसम केंद्र*
Bharat Institute of Technology (BITS) Sonipat के कैंपस में भारतीय ऊष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे के सहयोग से एक अत्याधुनिक स्वचालित मौसम केंद्र (Automatic Weather Station) स्थापित किया जा रहा है। यह सुविधाजनक और तकनीकी रूप से उन्नत मौसम केंद्र क्षेत्र के निवासियों, किसानों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।
इस समझौते पर BITS की ओर से डॉ. मनन शर्मा (Chairperson), डॉ. नीरज कुमार (Director) और डॉ. आशीष गगनेजा (Dean) की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
स्थापना से होने वाले प्रमुख लाभ
* इस केंद्र के माध्यम से तापमान, आर्द्रता, वर्षा, वायु गुणवत्ता, हवा की दिशा–गति और अन्य महत्वपूर्ण मौसमीय आंकड़े स्वचालित रूप से दर्ज और विश्लेषित किए जाएंगे।
* इससे क्षेत्र में सटीक मौसम पूर्वानुमान, प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी, कृषि योजना और वैज्ञानिक शोध को नई मजबूती मिलेगी।
* BITS के शोध एवं नवाचार को राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक डेटा तक सीधी पहुँच प्राप्त होगी।
इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभ
* इंजीनियरिंग के छात्रों को रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स सेंसर टेक्नोलॉजी IoT इंटीग्रेशन, डेटा साइंस, AI आधारित मौसम विश्लेषण और इंस्ट्रूमेंटेशन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
* विद्यार्थियों को शोध परियोजनाओं, मिनी-मेजर प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप में राष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थान के साथ सीधे काम करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
* स्वचालित मौसम केंद्र विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, प्रैक्टिकल स्किल्स और नवाचार क्षमता को नई दिशा देगा।
संस्थान नेतृत्व की टिप्पणियाँ
BITS के चेयरपर्सन डॉ. मनन शर्मा ने कहा कि यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इससे वैज्ञानिक दृष्टिकोण मजबूत होगा।
निदेशक डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि यह केंद्र BITS के शोध स्तर को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाएगा।
Dean डॉ. आशीष गगनेजा ने कहा कि इंजीनियरिंग छात्रों के लिए यह एक “Live Learning Laboratory” की तरह होगा, जिसमें वे आधुनिक तकनीक और मौसम विज्ञान के वास्तविक अनुप्रयोगों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे।
Bharat Institute of Technology, Sonipat सदैव नवाचार, तकनीक एवं समाजहित के लिए नए कदम बढ़ाता रहा है। स्वचालित मौसम केंद्र की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।


